Tuesday, January 31, 2023

पितृपक्ष 2022 – श्राद्ध पक्ष मे पितरों को खुश करने का मंत्र

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प्रतिपदा श्राद्ध शनिवार, 10 सितंबर, 2022
कुटुप (कुतुप) मुहूर्त – 11:53 AM से 12:43 PM
अवधि – 00 घंटे 50 मिनट
रोहिना (राहुण) मुहूर्त – दोपहर 12:43 बजे से दोपहर 01:33 बजे तक
अवधि – 00 घंटे 50 मिनट
अपराहन (अपराह्न) काल – 01:33 अपराह्न से 04:03 अपराह्न
अवधि – 02 घंटे 30 मिनट

प्रतिपदा तिथि शुरू – 03:28 अपराह्न 10 सितंबर, 2022
प्रतिपदा तिथि समाप्त – 01:14 अपराह्न 11 सितंबर, 2022

श्रद्धा 2022

2022 प्रतिपदा श्राद्ध
प्रतिपदा श्राद्ध उन मृत परिवार के सदस्यों के लिए किया जाता है, जिनकी प्रतिपदा तिथि को मृत्यु हो गई, जिसमें शुक्ल और कृष्ण पक्ष प्रतिपदा दोनों शामिल हैं।

1 ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृो प्रचोदयात्।

2. ॐ आद्य-भूताय विद्महे सर्व-सेव्याय धीमहि। शिव-शक्ति-स्वरूपेण पितृ-देव प्रचोदयात्।

3. ओम् देवताभ्य: पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च । नम: स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नम:।।

प्रतिपदा श्राद्ध तिथि को नाना-नानी (नाना-नानी के रूप में जाना जाता है) के लिए श्राद्ध करने के लिए भी उपयुक्त माना जाता है। यदि मायके में श्राद्ध करने वाला कोई व्यक्ति न हो तो इस तिथि पर श्राद्ध करने से नाना-नानी की आत्मा प्रसन्न होती है। यदि नाना-नानी की पुण्यतिथि ज्ञात न हो तो भी इस तिथि पर श्राद्ध किया जा सकता है। मान्यता है कि इस श्राद्ध को करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
प्रतिपदा श्राद्ध को पड़वा श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता है।
पितृ पक्ष श्राद्ध पर्व श्राद्ध (पार्वण श्राद्ध) हैं और इन्हें करने का शुभ समय या तो कुटुप मुहूर्त और रोहिना आदि मुहूर्त है। उसके बाद जब तक अपराहन काल समाप्त नहीं हो जाता है। श्राद्ध के अंत में तर्पण (तर्पण) किया जाता है।

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